मुंबई, 29 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन) टेक की दुनिया में एक बड़ा खुलासा हुआ है। एक लीक हुए आंतरिक मेमो के अनुसार, दिग्गज कंपनी अमेज़न को शीर्ष एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इंजीनियरों को नौकरी पर रखने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब मेटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई जैसी प्रतिद्वंदी कंपनियां इस क्षेत्र में अपने-अपने दल का तेजी से विस्तार कर रही हैं।
क्यों हो रही है यह दिक्कत?
मेमो में इस संघर्ष के पीछे कई कारण बताए गए हैं। सबसे बड़ा कारण अमेज़न की मुआवजा (Compensation) नीति है। कंपनी की वेतन संरचना और स्टॉक पैकेज प्रतिद्वंदियों के मुकाबले कम आकर्षक माने जा रहे हैं। जहां अन्य कंपनियां अधिक नकद प्रोत्साहन (cash incentives) और बेहतर पैकेज दे रही हैं, वहीं अमेज़न की सख्त वेतन सीमा और बैकलोडेड स्टॉक संरचना पेशेवरों को कम लुभा पा रही है।
इसके अलावा, कंपनी के सख्त कार्य नियम (strict work rules) और एआई के क्षेत्र में उसकी कमजोर होती प्रतिष्ठा भी इस समस्या में योगदान दे रही है। मेमो में बताया गया है कि अमेजन के मुकाबले, प्रतिद्वंदियों ने हाल ही में कई बड़े एआई दिग्गजों को अपने साथ जोड़ा है, जबकि अमेज़न इस मामले में पीछे रही है।
अमेज़न का जवाब और भविष्य की योजना
इस रिपोर्ट के जवाब में, अमेज़न के प्रवक्ता ने पहले स्वीकार किया था कि वे प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए अपने दृष्टिकोण में बदलाव कर रहे हैं। हालांकि, बाद में एक मजबूत खंडन जारी किया गया, जिसमें कहानी के आधार को ही गलत बताया गया और दावा किया गया कि कंपनी शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित कर रही है।
फिर भी, लीक हुआ मेमो आंतरिक रूप से मुआवजे को एक "गर्म बहस का विषय" बताता है। इसमें कुछ संभावित समाधान भी सुझाए गए हैं, जैसे:
- मुआवजा नीतियों में संशोधन करना।
- भर्ती स्थानों में अधिक लचीलापन प्रदान करना।
- कंपनी की जेनरेटिव एआई (Generative AI) में हुई प्रगति को और अधिक उजागर करना।
यह साफ है कि एआई के इस बढ़ते और प्रतिस्पर्धी बाजार में, अमेज़न को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा ताकि वह दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली दिमागों को अपने साथ जोड़ सके।